क्या तलाक के बाद फिर से Domestic Violence Act के तहत पैसे की मांग की जा सकती है?
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला (24 अगस्त 2026)
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर पति-पत्नी आपसी समझौते (Settlement Agreement) में यह लिखकर सहमत हो जाएं कि भविष्य में एक-दूसरे से कोई पैसा या भरण-पोषण (Maintenance) नहीं मांगेंगे, तो बाद में उसी पुराने विवाद के आधार पर फिर से पैसे की मांग नहीं की जा सकती।
क्या हुआ था?
- पति-पत्नी ने 2016 में समझौता किया।
- पत्नी ने लिखित रूप से कहा कि वह भविष्य में पति से मेंटेनेंस या कोई आर्थिक दावा नहीं करेगी।
- इसके बाद 2017 में दोनों का आपसी सहमति से तलाक हो गया।
- कुछ समय बाद पत्नी और बेटी ने Domestic Violence Act, 2005 के तहत केस दायर कर आर्थिक राहत मांगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने पत्नी का केस रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पत्नी ने अपनी मर्जी से समझौता किया था, अदालत में शपथ-पत्र (Affidavit) भी दिया था और कभी उस समझौते या तलाक को चुनौती नहीं दी। इसलिए पुराने मामलों के आधार पर दोबारा आर्थिक दावा नहीं किया जा सकता।
बेटी के मामले में क्या फैसला हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेटी उस समझौते का हिस्सा नहीं थी, इसलिए उसके अधिकार खत्म नहीं हुए। वह चाहें तो अपने अधिकारों के लिए अलग से कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
केस: Reji Baby v. Subi Mary (Supreme Court, 24 August 2026)